कभी- कभी दिल की भी सुन लेना चाहिए । क्योंकि अच्छा लगता है तो इस भोपाल से इटारसी के सफर के दौरान ट्रेन से कुछ नजारे इतने प्रभावित कर गये। कि इस बार सफर को आधे रास्ते में खत्म कर निकल पड़े जंगल की शहर पर। क्योंकि शौक बड़ी चीज है। तो फिर क्या खेरहीचौका के जंगल का कुछ अनुभव ऐसा रहा....
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